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Political News: किसान का बेटा बना जनता का प्रिय नेता, सुरेंद्र चौरसिया ने बदला रामपुर कारखाना का स्वरूप, सड़क, बिजली, पानी और पुल निर्माण से क्षेत्र में लाए विकास की नई बयार

Input by one click news 

रामपुर कारखाना विधानसभा के भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने अपने विकास कार्यों और संघर्ष की कहानी से सिद्ध किया कि गरीब का बेटा भी कर सकता है राजनीति में बड़ा बदलाव


देवरिया: रामपुर कारखाना विधानसभा, देवरिया जिले का एक प्रमुख क्षेत्र है, जो अब अपने सांसद और विधायक के कारण चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने इस क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वे न केवल उनके नेतृत्व का परिचायक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि एक छोटे से गांव के किसान का बेटा भी अपनी मेहनत, समर्पण और संघर्ष से राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। सुरेंद्र चौरसिया ने न केवल विधानसभा में अपने क्षेत्र के विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए, बल्कि वे जनता के बीच अपने सीधे संवाद और समर्थन के लिए भी प्रसिद्ध हुए हैं।


संघर्ष से राजनीति तक का सफर: एक किसान के बेटे की कहानी

सुरेंद्र चौरसिया का जन्म देवरिया जिले के छोटे से गांव कुशहरी में हुआ। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार था, जहां आर्थिक संसाधन सीमित थे। बचपन में ही वे यह समझने लगे थे कि अगर जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो मेहनत और संघर्ष का मार्ग अपनाना होगा। छोटे से गांव से निकलकर आज विधायक बनने तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन सुरेंद्र ने कभी हार नहीं मानी।


उनकी शिक्षा-दीक्षा भी गांव में ही हुई, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई में हमेशा श्रेष्ठता प्राप्त करने का प्रयास किया। शुरूआत में जब वे छात्र थे, तो उन्होंने छात्र संघ चुनाव लड़ा और उनका यह पहला कदम राजनीति में था। 2006 में जब उन्होंने छात्र संघ का चुनाव लड़ा, तो उनकी सोच और दृष्टिकोण में बदलाव आ चुका था। वे सिर्फ अपनी पढ़ाई में ही अच्छे नहीं थे, बल्कि समाज की समस्याओं को हल करने के लिए भी सक्रिय रहते थे।


राजनीति में कदम और क्षेत्रीय विकास की दिशा में पहला कदम

2006 के छात्र संघ चुनाव के बाद सुरेंद्र चौरसिया ने 2010 में जिला पंचायत के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस जीत ने उन्हें राजनीति में एक मजबूत पहचान दिलाई। सुरेंद्र ने उस समय यह महसूस किया कि राजनीति सिर्फ सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा के लिए भी एक अहम माध्यम है। यही कारण था कि उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और क्षेत्र में कई छोटे-छोटे विकास कार्य किए।


2022 में भाजपा के टिकट पर रामपुर कारखाना विधानसभा से चुनाव लड़ने का अवसर मिला। उस समय, उनका मुकाबला क्षेत्रीय नेता ग़ज़ाला लारी से था, जो एक अनुभवी और मजबूत उम्मीदवार मानी जाती थीं। लेकिन सुरेंद्र चौरसिया ने अपनी मेहनत, संघर्ष और जनता के बीच अपने जुड़ाव के कारण यह चुनाव जीत लिया और उत्तर प्रदेश विधानसभा में सबसे कम उम्र के विधायकों में से एक बने।


विधायक बनने के बाद क्षेत्र के विकास में कार्य

विधायक बनने के बाद, सुरेंद्र चौरसिया ने सबसे पहले अपने विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में काम शुरू किया। उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, और जल निकासी जैसी समस्याओं को प्राथमिकता दी। खासकर, उन्होंने नदी पर बने सेतु के निर्माण और गांवों में पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित किया। इन कार्यों से क्षेत्र के विकास में क्रांतिकारी बदलाव आया।


सड़क निर्माण और संपर्क मार्गों का सुधार

सुरेंद्र चौरसिया ने सबसे पहले विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण पर ध्यान दिया। पहले, रामपुर कारखाना की कई सड़कों की हालत बेहद खराब थी, जिससे ग्रामीणों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी कठिनाई होती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से मिलकर सड़क निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी और क्षेत्र में संपर्क मार्गों को सुधारा। इसके परिणामस्वरूप, गांवों से लेकर शहर तक यात्रा करना अब पहले से कहीं आसान हो गया है।


बिजली और जल आपूर्ति के क्षेत्र में सुधार

सुरेंद्र ने बिजली की आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं बनाई। क्षेत्र के कई गांवों में बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं थी, लेकिन विधायक बनने के बाद उन्होंने बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। इसके साथ ही, पानी की समस्या भी बड़ी थी। सुरेंद्र ने क्षेत्र में जलसंचय योजनाओं की शुरुआत की और पानी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी। इसके परिणामस्वरूप, कई गांवों में पानी की नियमित आपूर्ति होने लगी।


नदी पर बने सेतु का निर्माण

रामपुर कारखाना विधानसभा में नदी पर बने सेतु की महत्वपूर्ण आवश्यकता थी। सुरेंद्र चौरसिया ने इस दिशा में कई कदम उठाए और स्थानीय नदी पर सेतु का निर्माण कराया, जिससे यात्रा और व्यापार के लिए ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। यह सेतु न केवल यातायात के लिए बल्कि ग्रामीणों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी बेहतर बनाने में मददगार साबित हुआ।


विधायक के रूप में जनता के बीच जुड़ाव

सुरेंद्र चौरसिया का मानना है कि विधायक बनने के बाद उनका मुख्य कर्तव्य जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना है। यही कारण है कि वे हमेशा अपने क्षेत्र में जनता से मिलते रहते हैं। वे नियमित रूप से गांवों और शहरों का दौरा करते हैं और लोगों से सीधे संवाद करते हैं। सुरेंद्र का यह तरीका उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाता है।


उन्होंने विधानसभा में कई बार अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया और उनके समाधान के लिए काम किया। विधानसभा में भी उनका यह प्रभाव बढ़ा, क्योंकि वे केवल विकास कार्यों को ही नहीं बल्कि समाज की अन्य समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी पर भी बात करते थे।


भटनी 115 नंबर गेट रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू

भा.ज.पा. विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भटनी 115 नंबर गेट रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करवाया है। इससे सैकड़ों गांवों की आवागमन की समस्या का समाधान होगा। इस ओवरब्रिज के निर्माण से ट्रेनों के बंद होने के कारण होने वाली लंबी देरी से राहत मिलेगी और क्षेत्र के लोगों को आसानी से यात्रा करने में मदद मिलेगी।


आंखों के ऑपरेशन शिविर में 52,028 लोगों का इलाज

सुरेंद्र चौरसिया ने अपने क्षेत्र में गरीब जनता के लिए आंखों का निशुल्क ऑपरेशन शिविर आयोजित किया। इस शिविर में कुल 52,028 लोगों का इलाज किया गया। चौरसिया ने इस प्रयास के तहत उन लोगों को मदद पहुंचाई जो आंखों की गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, लेकिन आर्थिक कारणों से इलाज करवाने में सक्षम नहीं थे। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का इलाज किया।


मुख्यमंत्री राहत कोष से हजारों लोगों का इलाज

विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने मुख्यमंत्री राहत कोष से क्षेत्र की जनता को गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने के लिए धनराशि दिलवाई। उन्होंने इस पहल के माध्यम से हजारों लोगों को इलाज के लिए मदद दी। इस रिकॉर्ड सफलता से चौरसिया ने साबित किया कि वे केवल क्षेत्र के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि जनहित के मामलों में भी तत्पर हैं।


चौरसिया की कार्यशैली से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर

इन पहलों के कारण विधायक सुरेंद्र चौरसिया को क्षेत्रवासियों से प्रशंसा मिल रही है। उनके कार्यों से यह स्पष्ट हो गया है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभा रहे हैं और जनता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।


भाजपा के ओबीसी नेता के रूप में उभरना

सुरेंद्र चौरसिया न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र के नेता हैं, बल्कि वे भाजपा के प्रदेश ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नेता के रूप में भी उभर चुके हैं। उनके नेतृत्व में ओबीसी समाज के उत्थान के लिए कई योजनाओं को लागू किया गया है। भाजपा ने उन्हें गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावों के दौरान भी भेजा, जहां उन्होंने जनता के बीच जाकर पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाया। उनके इस कदम ने उन्हें एक राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और पार्टी में उनके प्रभाव को और मजबूत किया।


रामपुर कारखाना की जनता की भावना

रामपुर कारखाना की जनता सुरेंद्र चौरसिया को अपने बेटे की तरह मानती है। उनका यह जुड़ाव न केवल क्षेत्रीय विकास के कारण है, बल्कि उनकी नेकनीयत और ईमानदारी के कारण भी है। सुरेंद्र चौरसिया के लिए जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, और वे इसे सहेजने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। यही कारण है कि भाजपा ने उन्हें रामपुर कारखाना से अपना उम्मीदवार चुना।

सुरेंद्र चौरसिया का राजनीतिक सफर प्रेरणा देने वाला है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि मेहनत, संघर्ष और समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनके कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति का असली मतलब जनता की सेवा करना है। रामपुर कारखाना विधानसभा में सुरेंद्र चौरसिया ने विकास कार्यों के जरिए अपना नाम तो कमाया ही, साथ ही उनकी मेहनत और जनता के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें एक आदर्श नेता बना दिया है।


वे न केवल अपने क्षेत्र में, बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मजबूत नेता के रूप में उभर चुके हैं। उनका यह संघर्षपूर्ण सफर यह सिद्ध करता है कि अगर नीयत सही हो, तो किसी भी गरीब का बेटा भी राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।