Breaking News

Deoria News: देवरिया में संघ का पथ संचलन संपन्न, हिंदू नववर्ष पर संघ पदाधिकारियों ने व्यक्त किए विचार

सत्य प्रकाश तिवारी 

उत्तर प्रदेश: देवरिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा हिंदू नववर्ष के अवसर पर नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। यह पथ संचलन टाउन हॉल से प्रारंभ होकर नगरपालिका रोड, तहसील, रेलवे स्टेशन, पेडागली, जलकल रोड, पोस्टमार्टम चौराहा, राघव नगर, कोआपरेटिव चौराहा होते हुए पुनः टाउन हॉल पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों और राजनीतिक नेताओं ने हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और संघ की विचारधारा पर अपने विचार व्यक्त किए।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का परिचय और स्थापना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन नागपुर (महाराष्ट्र) में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, राष्ट्रवाद को सशक्त बनाना और भारत को पुनः गौरवशाली राष्ट्र बनाना था।


संघ की स्थापना के उद्देश्य

1. हिंदू समाज का संगठन: हिंदू समाज को एकजुट कर एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना।

2. स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: ब्रिटिश शासन से मुक्ति के लिए राष्ट्रवादी भावना को बढ़ावा देना।

3. चरित्र निर्माण: समाज में नैतिकता, अनुशासन और सेवा की भावना को मजबूत करना।

4. राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण: भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजकर राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाना।


संघ का प्रारंभिक दौर कठिनाइयों से भरा रहा, लेकिन अनुशासन और सेवा की भावना के कारण यह संगठन धीरे-धीरे पूरे देश में फैलने लगा।


देवरिया में संघ का पथ संचलन

देवरिया में संघ द्वारा हिंदू नववर्ष के अवसर पर नगर में पथ संचलन निकाला गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और देशभक्ति का परिचय दिया। संपूर्ण नगर भगवा ध्वज और जयघोष से गूंज उठा। रास्ते में नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर संघ कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।


पथ संचलन का मार्ग

पथ संचलन टाउन हॉल से प्रारंभ होकर नगरपालिका रोड, तहसील, रेलवे स्टेशन, पेडागली, जलकल रोड, पोस्टमार्टम चौराहा, राघव नगर, कोआपरेटिव चौराहा होते हुए पुनः टाउन हॉल पर संपन्न हुआ।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

आद्य सर संघचालक प्रणाम: पथ संचलन के समापन के बाद आद्य सर संघचालक प्रणाम कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य वक्ता वीरेंद्र जी (सह प्रांत कार्यवाह) का संबोधन: उन्होंने हिंदू नववर्ष के महत्व और संघ की भूमिका पर अपने विचार रखे।

हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं: वक्ताओं ने समाज में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में शामिल प्रमुख हस्तियां

कार्यक्रम में संघ और भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे

सुरजीत जी (सह प्रांत प्रचारक),ऋषि जी (विभाग प्रचारक), राजधारी जी, नमोनारायण जी, बीजेपी सांसद शशांक मणि, बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी,बीजेपी विधायक सुरेंद्र चौरसिया,ठाकुर जी,वाचस्पति जी आदि मौजूद रहे।



संघ के कार्य और समाज में योगदान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज भारत का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है, जिसके लाखों स्वयंसेवक पूरे देश में राष्ट्र निर्माण और सेवा कार्यों में लगे हुए हैं।


संघ द्वारा किए जाने वाले प्रमुख कार्य

1. शाखाओं का संचालन: संघ पूरे देश में दैनिक शाखाएं संचालित करता है, जहां स्वयंसेवकों को शारीरिक व्यायाम, बौद्धिक चर्चाएं और राष्ट्रवाद से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलता है।

2. शिक्षा और संस्कार: संघ शिक्षा क्षेत्र में भी सक्रिय है। सरस्वती शिशु मंदिर और अन्य विद्यालयों के माध्यम से भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा दी जाती है।

3. सेवा कार्य: आपदा प्रबंधन, गरीबों की सहायता, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर और सामाजिक कल्याण के कई कार्य संघ द्वारा किए जाते हैं।

4. गौ रक्षा और पर्यावरण संरक्षण: संघ गौ रक्षा, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाता है।

5. स्वदेशी अभियान: संघ स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त करने के लिए कार्य करता है।




संघ की वर्तमान स्थिति और प्रभाव

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्तमान में भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी शाखाएं चला रहा है। संघ के अनुशासन और राष्ट्रवादी विचारधारा के कारण इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।


संघ की प्रेरणादायक बातें

संघ राजनीति से परे है: हालांकि संघ का सीधा संबंध किसी राजनीतिक दल से नहीं है, लेकिन उसकी विचारधारा भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ी हुई मानी जाती है।

स्वयंसेवकों का योगदान: संघ के कई स्वयंसेवकों ने समाज सेवा, प्रशासन, राजनीति और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राष्ट्रीयता की भावना: संघ के कार्यक्रमों और गतिविधियों से समाज में राष्ट्रीयता की भावना को बल मिलता है।



देवरिया में संघ के कार्यक्रम का समापन

देवरिया में हुए इस पथ संचलन में हज़ारों स्वयंसेवकों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में शांति, अनुशासन और समरसता का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखा।


संघ के संदेश

1. हिंदू संस्कृति को पुनर्जीवित करना और उसे संपूर्ण विश्व में प्रचारित करना।

2. समाज को संगठित कर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना।

3. युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और परंपराओं से जोड़ना।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यह पथ संचलन केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समाज सेवा का प्रतीक था। संघ अपने स्थापनाकाल से ही राष्ट्र निर्माण और समाज संगठन के लिए कार्य करता आ रहा है। देवरिया में हुआ यह आयोजन संघ की विचारधारा और उसके योगदान का जीवंत प्रमाण था।


संघ के विचार और उसकी राष्ट्रसेवा की भावना आने वाले समय में भी समाज में एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती रहेगी।