Breaking News

Ghibli AI Trend: आपकी तस्वीरों के साथ आपका फेशियल डेटा भी चुरा रही हैं AI कंपनियां,सोशल मीडिया पर छाया Ghibli AI ट्रेंड, लेकिन खतरे से अनजान है लोग!

न्यूज डेस्क: इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर Ghibli स्टाइल में बनाई गई AI तस्वीरों का ट्रेंड छाया हुआ है। लोग बड़े उत्साह से अपनी तस्वीरें AI टूल्स में अपलोड कर रहे हैं ताकि वे जापानी एनीमेशन स्टूडियो Ghibli की फिल्मों जैसी दिखें।


हालांकि, इस मजेदार ट्रेंड के पीछे एक बड़ा खतरा छिपा हुआ है। लोग यह भूल रहे हैं कि अपनी तस्वीरें अपलोड करके वे अपना फेशियल रिकॉग्निशन डेटा AI कंपनियों को सौंप रहे हैं। यह डेटा न केवल निजता के लिए खतरा है, बल्कि भविष्य में पहचान की चोरी (Identity Theft) और धोखाधड़ी के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है।


आपका चेहरा हर रोज AI कंपनियों के डेटाबेस में स्टोर हो रहा है

Ghibli AI ट्रेंड पहली बार ऐसा मामला नहीं है जब लोग अपनी तस्वीरें AI कंपनियों को सौंप रहे हों। हम रोज़ाना अपनी तस्वीरें AI कंपनियों के साथ साझा कर रहे हैं—चाहे वह फोन अनलॉक करने के लिए फेस आईडी हो, सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट करना हो, या फिर किसी ऐप को कैमरा एक्सेस देना हो।


जब कोई व्यक्ति किसी AI टूल को अपनी फोटो प्रोसेस करने के लिए देता है, तो उस टूल के पीछे की कंपनी उस तस्वीर को स्कैन कर सकती है, फेशियल डाइमेंशन्स स्टोर कर सकती है और भविष्य में AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए उसका उपयोग कर सकती है।


समस्या यह है कि

पासवर्ड बदले जा सकते हैं, लेकिन चेहरा नहीं बदला जा सकता।

AI कंपनियां इस डेटा का क्या कर रही हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती।

यह डेटा ब्लैक मार्केट में बेचा जा सकता है, जिससे डीपफेक स्कैम और पहचान की चोरी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं।




पहले भी हो चुकी हैं बड़ी डेटा चोरी की घटनाएं

फेशियल डेटा के गलत इस्तेमाल के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। उदाहरण के लिए:

1. Clearview AI स्कैंडल:

इस अमेरिकी कंपनी पर आरोप लगा था कि उसने बिना अनुमति 3 बिलियन से ज्यादा फोटोज सोशल मीडिया और न्यूज साइट्स से स्क्रैप कर लीं।

बाद में इस डेटा को पुलिस और प्राइवेट कंपनियों को बेचा गया।



2. ऑस्ट्रेलिया की Outabox डेटा लीक (मई 2024):

इस लीक में 1.05 मिलियन लोगों के फेशियल स्कैन, ड्राइविंग लाइसेंस और पते चोरी हो गए थे।

यह डेटा एक वेबसाइट "Have I Been Outaboxed" पर अपलोड कर दिया गया, जिससे कई लोगों की निजी पहचान खतरे में पड़ गई।




3. FRT (Facial Recognition Technology) सिस्टम पर साइबर हमले:

कई देशों में दुकानों और एयरपोर्ट्स पर इस्तेमाल किए जाने वाले फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम को हैक किया गया।

इससे अपराधियों ने नकली पहचानें बनाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।



AI कंपनियां कैसे कमा रही हैं आपके चेहरे से पैसा?

Statista की रिपोर्ट के अनुसार, फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी का बाजार 2025 तक 5.73 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, और 2031 तक इसकी ग्रोथ 14.55 बिलियन डॉलर तक हो सकती है।


Meta और Google जैसी कंपनियों पर आरोप हैं कि वे यूजर्स की तस्वीरों से अपने AI मॉडल्स को ट्रेन कर रही हैं, लेकिन इसकी जानकारी पब्लिक नहीं करतीं।


PimEyes जैसी साइट्स किसी की भी फोटो अपलोड करके उसका ऑनलाइन ट्रैक रिकॉर्ड निकाल सकती हैं, जिससे साइबर स्टॉकिंग का खतरा बढ़ जाता है।



कैसे बचें इस खतरे से?

अगर आप अपनी निजता और सुरक्षा को बनाए रखना चाहते हैं, तो इन सावधानियों को अपनाएं:

✔ Ghibli AI और अन्य AI फोटो जनरेशन टूल्स में अपनी तस्वीरें अपलोड करना बंद करें।

✔ सोशल मीडिया पर हाई-रिजॉल्यूशन फोटोज पोस्ट करने से बचें।

✔ फेस अनलॉक की बजाय पिन या पासवर्ड का इस्तेमाल करें।

✔ AI कंपनियों और सरकारों पर डेटा सुरक्षा के कड़े नियम बनाने का दबाव डालें।

✔ अपने फेशियल डेटा से जुड़ी किसी भी अनधिकृत गतिविधि की निगरानी करें।


असली बदलाव तभी आएगा जब सरकारें Facial Recognition Technology के गैर-कानूनी उपयोग पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून बनाएंगी। जब तक ऐसा नहीं होता, आपको अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी होगी।