रिपोर्ट: सत्य प्रकाश तिवारी
देवरिया: आज के दौर में युवाओं में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही लोग स्पाइनल पेन, डिस्क प्रॉब्लम और स्लिप डिस्क जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण गलत जीवनशैली और खानपान है। KGMU के वरिष्ठ आर्थो व स्पाइन सर्जन चिकित्सक डॉक्टर एस. के. शर्मा के अनुसार, हमारी कुछ गलत आदतें रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे कमजोर बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही आदतों और उनके बचाव के उपायों के बारे में।
1. लंबे समय तक बैठना
आजकल लोग घंटों ऑफिस में काम, ऑनलाइन क्लास या मोबाइल-लैपटॉप चलाने में बिताते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है और दर्द व डिस्क से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या करें?
✔️ हर 30-40 मिनट बाद उठकर कुछ देर टहलें।
✔️ कमर सीधी रखते हुए सही मुद्रा में बैठें।
✔️ कुर्सी का बैक सपोर्ट सही हो और पैर जमीन पर टिके हों।
2. एक्सरसाइज न करना
अगर शरीर एक्टिव नहीं रहता तो रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और उस पर अधिक भार पड़ने लगता है।
क्या करें?
✔️ रोज 30 मिनट योग, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करें।
✔️ तैराकी और साइक्लिंग रीढ़ के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
✔️ वॉकिंग को अपनी रूटीन का हिस्सा बनाएं।
3. गलत खानपान और पोषण की कमी
विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे स्पाइन डैमेज और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
क्या करें?
✔️ दूध, दही, पनीर, बादाम, हरी सब्जियां खाएं।
✔️ रोजाना कुछ देर धूप में बैठें ताकि विटामिन डी मिले।
✔️ ओमेगा-3 और प्रोटीन युक्त आहार लें।
4. मानसिक तनाव और स्ट्रेस
अत्यधिक तनाव लेने से रीढ़ की मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं, जिससे दर्द बढ़ सकता है।
क्या करें?
✔️ मेडिटेशन और प्राणायाम करें।
✔️ भरपूर नींद लें और तनाव को कम करने की कोशिश करें।
✔️ अपनी दिनचर्या को संतुलित और व्यवस्थित बनाएं।
5. गलत तरीके से बैठना और सोना
गलत मुद्रा में बैठने और सोने से रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है, जिससे कमर दर्द और स्लिप डिस्क की समस्या हो सकती है।
क्या करें?
✔️ सोते समय रीढ़ को सीधा रखें और सही तकिए का इस्तेमाल करें।
✔️ बहुत मुलायम गद्दे पर सोने से बचें।
✔️ हमेशा बैक सपोर्ट के साथ बैठें और झुककर काम न करें।
रीढ़ की हड्डी का स्वस्थ रहना पूरे शरीर के लिए जरूरी है। गलत आदतों को सुधारकर, सही पोषण, एक्सरसाइज और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाकर इसे मजबूत बनाया जा सकता है। यदि पहले से कोई दर्द या समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें और उचित इलाज कराएं।