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UP NEWS: देवरिया में लोनिवि की बड़ी चूक, बिना जांच भेजा प्रस्ताव, 6.8 करोड़ की राशि लौटानी पड़ी, लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष उमेश चंद्र शर्मा ने दिए जांच के आदेश!

ONE CLICK NEWS DESK सत्य प्रकाश तिवारी 

देवरिया: लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अभियंताओं की लापरवाही के चलते शासन को 6.8 करोड़ रुपये की राशि वापस लेनी पड़ी। विभाग ने बिना जांच-पड़ताल के एक मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया, जिसे स्वीकृति भी मिल गई। लेकिन जब मामला सामने आया तो पता चला कि जिस सड़क के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, वह पहले ही एशियाई विकास बैंक (ADB) के तहत आ चुकी थी और 2027 तक इसका अनुरक्षण कार्य तय था।


गलत प्रस्ताव के कारण शासन को उठाना पड़ा कदम

देवरिया के कप्तानगंज-हाटा गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग और रुद्रपुर बाईपास मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 21.875 किलोमीटर लंबाई का प्रस्ताव भेजा गया था। यह प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय द्वारा तैयार किया गया था। लेकिन इस प्रक्रिया में न तो स्थानीय अभियंताओं ने पुराने दस्तावेजों की जांच की और न ही उच्च अधिकारियों ने प्रस्ताव को ठीक से परखा।


नतीजतन, शासन ने बिना किसी गहरी जांच के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और 6.8 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी। जब इस गलती का खुलासा हुआ तो विभाग को मजबूरन पूरी राशि शासन को वापस करनी पड़ी।


ADB के तहत पहले से ही स्वीकृत था मार्ग

इस मार्ग को पहले ही एशियाई विकास बैंक (ADB) के अनुशंसा के तहत सौंपा जा चुका था। बैंक ने इसके अनुरक्षण कार्य की जिम्मेदारी ले रखी थी और 2027 तक इस मार्ग के रखरखाव और मरम्मत का कार्य किया जाना था। ऐसे में इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए अलग से प्रस्ताव भेजना प्रशासनिक चूक थी।


गलती उजागर होने पर तुरंत लौटाई गई राशि

जैसे ही यह मामला सामने आया, लोक निर्माण विभाग ने तुरंत शासन से प्राप्त राशि वापस भेज दी। इसके साथ ही विभाग ने अपनी गलती को स्वीकार किया और इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी मुख्यालय को सौंप दी। वहीं, शासन ने भी मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इस लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।


वित्तीय वर्ष के अंत में जल्दबाजी में हुए फैसले

जानकारी के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में कार्ययोजना देरी से तैयार हुई, जिसके कारण लोक निर्माण विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाया। मार्च महीने में सड़कों के निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए थे। इसी जल्दबाजी में बिना समुचित जांच के देवरिया के इन मार्गों का चौड़ीकरण भी कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया, जिससे यह गंभीर गलती हुई।


अब शासन करेगा जांच, दोषियों पर हो सकती है कार्रवाई

अब इस पूरे प्रकरण की गहन जांच शासन स्तर से कराई जाएगी। यह जांच यह सुनिश्चित करेगी कि किन अधिकारियों और अभियंताओं की लापरवाही के कारण यह चूक हुई। यदि लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।


लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष उमेश चंद्र ने दिए जांच के आदेश

वही जब इस मामले पर ONE CLICK NEWS ने लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष उमेश चंद्र शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया मामला संज्ञान आया है, गोरखपुर PWD के मुख्य अभियंता राकेश वर्मा को जांच के आदेश दिए गए जल्द ही कार्यवाही की जाएगी।