रिपोर्ट: सत्य प्रकाश तिवारी
पटना: बिहार पुलिस की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा, जो ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर थीं, ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मोदी सरकार ने मंगलवार को उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी। उन्होंने अगस्त 2024 में निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा पुलिस मुख्यालय को भेजा था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
जीतन सहनी हत्याकांड की मुख्य जांच अधिकारी थीं
काम्या मिश्रा बिहार में दरभंगा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में कार्यरत थीं। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाया, जिनमें विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी के पिता, जीतन सहनी की हत्या का मामला प्रमुख था। इस केस में उन्होंने विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व किया और त्वरित कार्रवाई कर केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
बचपन से ही मेधावी रहीं, 22 साल की उम्र में बनीं आईपीएस
ओडिशा की रहने वाली काम्या मिश्रा शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। उन्होंने 12वीं कक्षा में 98% अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक किया। अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा (2019) पास कर ली और 172वीं रैंक के साथ आईपीएस बनीं।
उनकी पहली पोस्टिंग हिमाचल प्रदेश कैडर में हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने बिहार कैडर में ट्रांसफर ले लिया। बिहार में उन्होंने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू किया, जिससे वे ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हुईं।
पति भी हैं आईपीएस अधिकारी
काम्या मिश्रा के पति अवधेश सरोज भी 2019 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से बी.टेक किया है। दोनों की शादी साल 2021 में हुई थी।
इस्तीफे के पीछे क्या कारण?
हालांकि, काम्या मिश्रा ने इस्तीफे का कारण निजी बताया है, लेकिन उनके फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पारिवारिक कारणों से यह फैसला लिया है।
बिहार पुलिस के लिए बड़ा झटका
काम्या मिश्रा का इस्तीफा बिहार पुलिस बल के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए गए, जिससे उनकी छवि एक ईमानदार और सख्त अधिकारी के रूप में बनी। उनके अचानक इस्तीफे से पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है।